अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर सभी को बधाई। बाल आश्रम में हमारे साथ बैठी हुई किशोरियां ऐसी बाल-नेत्रियां हैं, जिन्होंने अपने-अपने गांव में बाल मजदूरी,बाल विवाह और बच्चों के साथ होने वाले हर तरह के उत्पीड़न को रोककर उन्हें शिक्षा, न्याय और समानता के अधिकार दिलाए।
इनमें से कई बच्चियों को देश और दुनिया के कई बड़े पुरस्कार मिल चुके हैं।
किसी भी समाज और राष्ट्र में विकास,लोकतंत्र और सभ्यता का एक बड़ा पैमाना उसकी बालिकाओं की आजादी,गरिमा और समानता के अधिकारों का सम्मान और सुरक्षा करना है। इसके लिए जरूरी है कि परिवार, समाज और सत्ता में बैठे प्रभावशाली पुरुष लड़कियों की आकांक्षाएं और आवाज दबाने के बजाय उनके साथ मित्रता और संवाद के रिश्ते बनाएं।
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