लगभग डेढ़ सौ साल पहले स्वामी दयानंद ने सभी मत-मजहबों में फैले पाखंड, जात पाँत, मूर्तिपूजा, अवतारवाद, गुरुडम, नारी -अत्याचार आदि के ख़िलाफ़ ज़बरदस्त आंदोलन चलाया।उन्होंने कहा था कि सत्य को अपनाने और झूठ को छोड़ने में हमेशा तैयार रहना चाहिए।आज उनकी जयंती पर शत शत प्रणाम।