Thread

संयोग की बात है कि इस साल विजयादशमी और गांधी जयंती साथ-साथ मनाए जा रहे हैं। साथ ही स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी है। ये सभी व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन में ऐसे मानवीय मूल्यों के प्रतीक हैं, जिनसे खुद को और दुनिया को बेहतर बनाया जा सकता है। अच्छा हो कि कभी-कभार हम उनकी मूर्तियों और चित्रों आदि को आइना समझकर अपना चेहरा देखें और स्वयं का मूल्यांकन करते हुए सुधार कर सकें। आप सबको बहुत बहुत शुभकामनाएं।

Nenhum Voo ainda