दिल्ली में चूड़ियों के कारख़ाने से मुक्त कराए गए बच्चों से कल मैंने पूछा,”तुम घर लौटकर क्या करोगे?” एक ने कहा,”मैं 3 साल के बाद गाँव में माँ बाप के साथ दिवाली मनाऊँगा।”
हर रोज़ 12 -12 घंटे तेज आग में शरीर को जलाते हुए कांच से खिलाने वाले बच्चे का उत्तर मेरे लिए दिवाली उत्सव है।