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कल सुबह जब मैं मुम्बई में अपने होटल में नाश्ता कर रहा था, बग़ल की टेबल से उठ कर इस अपरिचित बच्ची ने मेरे साथ खेलना शुरू कर दिया।पीछे से उसका भाई भी आ गया।काश, अगर हम बच्चों से निर्मलता, निश्छलता, सहजता और सभी को अपना बना सकने के गुण सीख लें तो दुनिया स्वर्ग बन जाएगी।

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