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k_satyarthi
#ामनवमी पर आप सबको मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ। तुलसी के राम, ईश्वर और मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। वाल्मीकि के राम, हमारी तरह साधारण मनुष्य थे और अपने कर्मों से महामानव बने। मेरे लिए राम एक करुणानायक हैं, क्योंकि वे सभी की तकलीफों को अपनी तरह महसूस करके जीवन भर उनका समाधान करने के लिए संघर्ष करते रहे। हम साधारण लोग ईश्वर का अवतार और मर्यादा पुरुषोत्तम तो बन नहीं सकते। इतना अवश्य है कि अन्याय और अत्याचार का रोना रोने या उपदेश देने की बजाय, उन्हें मिटाने के लिए कुछ तो कर ही सकते हैं!

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