किशोरों के दिलों में भरी जाने वाली नफ़रत, असहिष्णुता,हिंसा और सांप्रदायिकता की आग देशभक्ति या मज़हब-परस्ती नहीं, सिर्फ़ तबाही होती है।दुनिया के कई देश इसमें जल रहे है।भारत भी झुलसता रहा है।आज दिल्ली में एक किशोर की पिस्तौल से चली गोली बहुत ख़तरनाक संकेत है।इसे फैलने से रोकिये!!!